महंगी पड़ेगी ऑनलाइन शॉपिंग! सामान खरीदने से पहले पढ़ लें ये खबर

नई दिल्ली। हर साल की तरह त्योहार आते ही Online shopping कंपिनयां अपनी वेबसाइट्स पर जबरदस्त डिस्काउंट ऑफर्स के साथ सामान बेचती है। खबर है कि इस बार देश में ऑनलाइन शॉपिंग का कारोबार लगभग 25 हजार करोड़ रूपए का होगा। लेकिन इस बार ध्यान रखें कि इसबार ऑनलाइन शॉपिंग करना आपको महंगा पड़ सकता है क्योंकि देश के कई राज्यों में ऑनलाइन खरीदारी आपको महंगी पड़ सकती है। मध्यप्रदेश में ऑनलाइन शॉपिंग पर 6 फीसदी तक का प्रवेश कर 1 अक्टूबर से लागू किया गया है। ऐसे में ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट से मंगवाई सभी वस्तुएं जो वेबसाइट वाले मध्यप्रदेश के बाहर के किसी वेंडर से खरीदकर सप्लाय करेंगे सभी पर यह टैक्स लागू होगा। सरकार की ओर से यह टैक्स चुकाने की जिम्मेदारी ऑनलाइन सामान की डिलीवरी देने वाली कोरियर और ट्रांसपोर्ट फर्मों पर डाली है।


6 से 8 फीसदी तक चुकाना होगा डिलीवरी चार्ज


त्योहारों का सीजन आते ही तमाम शॉपिंग वेबसाइट पर ऑफर और सेल शुरू हो चुकी है। वही एमपी सरकार द्वारा लगाए गए प्रवेश के तहत खरीदारों को खरीदे गए सामनों पर 6 से 8 फीसदी तक ज्यादा कीमत देनी पड़स सकती हैं। सरकार ने इस कर की घोषणा तो बजट में ही कर दी थी लेकिन इसे लागू 1 अक्टूबर से किया जा रहा है। इस दिन से जो बिल बनेंगे सभी पर कर लागू होगा। इसके लिए ऑनलाइन कंपनियों के मॉल का परिवहन करने वाले ट्रांसपोर्टर को पहले वाणिज्यिककर विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।

फॉर्म 18 में देनी होगी जानकारी


ऑनलाइन शॉपिंग वाले माल का रजिस्ट्रेशन होने के बाद जब भी माल का परिवहन होगा उस समय फॉर्म 18 में पूरी जानकारी देना होगी। इसके बाद हर सप्ताह बेचे गए माल पर रोपित कर अगले सप्ताह सोमवार से बुधवार के बीच विभाग में जमा करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन के समय परिवहनकर्ता से विभाग में बतौर गारंटी एक एफडीआर जमा करवाई जाएगी। यदि ऑनलाइन वेबसाइट्स के लिए माल परिवहन करने वाला किसी तरह की कर चोरी या गड़बड़ी करता है तो उससे 3.5 गुना अधिक पेनल्टी वसूल की जाएगी। इसके बदले में जमा करवाई गई एफडीआर से भी पैसा वसूला जा सकता है।